UPI New Rules 2026: 12 फ़रवरी से UPI नियमों में बदलाव, सभी यूजर्स के लिए जानना जरूरी |
12 फरवरी 2026 से यूपीआई (UPI) में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं, जो सभी उपयोगकर्ताओं के लिए अनिवार्य हैं। ये नियम NPCI और RBI द्वारा जारी किए गए हैं, जो लेनदेन को सुरक्षित, तेज और अनुपालन योग्य बनाने पर केंद्रित हैं। अगर आप लोग इसकी पूरी जानकारी लेना चाहते हैं तो सभी जानकारी आप सभी को इस आर्टिकल में बतलाई गई है तो आप लोग इस आर्टिकल को एक बार बारीकी से पढ़ें और जाने यूपीआई न्यू रूल्
मुख्य बदलावों की सूची
ट्रांजेक्शन लिमिट: सामान्य दैनिक सीमा ₹1 लाख बनी रहेगी, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और कर भुगतान के लिए ₹5 लाख तक की अनुमति। नए यूपीआई आईडी के पहले 24 घंटों में केवल ₹5,000 की सीमा।
KYC सख्ती: आंशिक KYC वाले खातों पर प्रतिबंध लगेंगे, जिससे दैनिक लिमिट कम हो सकती है या सर्विस निलंबित। पूर्ण KYC अनिवार्य।
फेल्ड ट्रांजेक्शन: असफल भुगतान पर तेजी से ऑटो-रिवर्सल, मैनुअल फॉलो-अप की जरूरत कम।
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अप्रैल 2026 से सभी डिजिटल पेमेंट्स में PIN, बायोमेट्रिक या डायनामिक टोकन अनिवार्य।
टैक्स और अनुपालन नियम
उच्च मूल्य वाले यूपीआई लेनदेन इनकम टैक्स नोटिस आकर्षित कर सकते हैं, खासकर यदि वार्षिक SEND/RECEIVE सीमा पार हो। व्यवसायिक उपयोग पर GST लागू: वस्तुओं के लिए ₹40 लाख, सेवाओं के लिए ₹20 लाख से ऊपर रजिस्ट्रेशन जरूरी। कैशबैक और गिफ्ट्स (₹50,000 से अधिक) कर योग्य।
उपयोगकर्ताओं के लिए सलाह
पूर्ण KYC अपडेट रखें ताकि लिमिट प्रभावित न हो।
उच्च मूल्य लेनदेन के लिए स्वास्थ्य/शिक्षा जैसे अपवादों का उपयोग करें।
संदिग्ध ट्रांजेक्शन से बचें, वरना खाता फ्रीज हो सकता है।
व्यवसायी GST थ्रेशोल्ड पर नजर रखें।
ये बदलाव फ्रॉड रोकने और डिजिटल इकोनॉमी मजबूत करने के लिए हैं। सभी यूजर्स को तत्काल ऐप्स चेक कर अपडेट करें। कुल मिलाकर, नियम रोजमर्रा के उपयोग को आसान रखते हैं लेकिन अनुपालन बढ़ाते हैं। यह सभी जानकारी इंटरनेट के माध्यम से ली गई है।